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मुख्यमंत्री
शिवराज सिंह चौहान ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान कहा कि अगर लाडली बहना
अगर कहीं शराब दुकान को बंद करने के लिए लिखकर देंगी तो वह दुकान बंद कर दी
जाएगी, इस पर पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की बड़ी नेता उमा भारती ने
शिवराज सिंह चौहान को बधाई देने के साथ ताना भी मारा है। जानिए क्या कहा है
उमा भारती ने...
भाजपा की बड़ी नेता और प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती जब भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से अपने रिश्तों की दुहाई देती हैं तो उन्हें अपना बड़ा भाई बताती हैं, लेकिन अपने बड़े भाई पर ताना मारने का मौका वह कभी नहीं छोड़ती हैं। जब भी शिवराज सिंह चौहान कुछ बोलते हैं तो बधाई उमा भारती की ओर से ही सबसे पहले आती है, लेकिन उसके साथ ही उनका तंज भी आता है। जिसे सिर्फ समझने वाले ही समझ पाते हैं कि आखिर उमा भारती कहना क्या चाहती हैं। एक बार फिर उमा भारती ने शिवराज सिंह चौहान पर ऐसा ही तंज मारा है।
क्या सीएम की घोषणा को मानेंगे अफसर
उमा भारती ने ट्वीट करते हुए लिखा है, 'आज मैंने अखबार में पढ़ा, मेरे बड़े भाई मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जहां लाड़ली बहनें लिखकर दे देंगी वह शराब की दुकान भी बंद हो जाएंगी। इसके लिए शिवराज जी का अभिनंदन। ऐसी कई दुकानें मेरी नजर में हैं। मैं अभी दो-तीन दिन में ही लाडली बहनों से लिखवा कर कलेक्टर के पास भिजवाती हूं, चुनावी आचार संहिता के चलते क्या वह सीएम की इस घोषणा को मानेंगे।'
उमा भारती ने ट्वीट करते हुए लिखा है, 'आज मैंने अखबार में पढ़ा, मेरे बड़े भाई मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जहां लाड़ली बहनें लिखकर दे देंगी वह शराब की दुकान भी बंद हो जाएंगी। इसके लिए शिवराज जी का अभिनंदन। ऐसी कई दुकानें मेरी नजर में हैं। मैं अभी दो-तीन दिन में ही लाडली बहनों से लिखवा कर कलेक्टर के पास भिजवाती हूं, चुनावी आचार संहिता के चलते क्या वह सीएम की इस घोषणा को मानेंगे।'
ट्वीट के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की
दरअसल, उमा भारती मध्यप्रदेश में पिछले काफी समय से शराब बंदी की मुहिम चला रही हैं। लेकिन सरकार और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से उन्हें वह सहयोग नहीं मिला, जिसकी उन्हें उम्मीद थी। यहां तक कि उन्होंने कई शराब दुकानें बंद कराने के लिए उनके सामने प्रदर्शन भी किया था, लेकिन उन दुकानों पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। एक बार तो उमा भारती ने साफ कह भी दिया था कि अफसर मुख्यमंत्री से झूठ बोलते हैं। उन्हें बताया जाता है कि दुकान बंद कर दी गई है, जबकि दुकानें वहीं पर रहती हैं। उमा भारती भोपाल में भी ऐसी तीन से चार दुकानों के बाहर प्रदर्शन कर चुकी हैं, उसमें से अभी तक सिर्फ एक ही हटाई जा सकी है।
दरअसल, उमा भारती मध्यप्रदेश में पिछले काफी समय से शराब बंदी की मुहिम चला रही हैं। लेकिन सरकार और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से उन्हें वह सहयोग नहीं मिला, जिसकी उन्हें उम्मीद थी। यहां तक कि उन्होंने कई शराब दुकानें बंद कराने के लिए उनके सामने प्रदर्शन भी किया था, लेकिन उन दुकानों पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। एक बार तो उमा भारती ने साफ कह भी दिया था कि अफसर मुख्यमंत्री से झूठ बोलते हैं। उन्हें बताया जाता है कि दुकान बंद कर दी गई है, जबकि दुकानें वहीं पर रहती हैं। उमा भारती भोपाल में भी ऐसी तीन से चार दुकानों के बाहर प्रदर्शन कर चुकी हैं, उसमें से अभी तक सिर्फ एक ही हटाई जा सकी है।
उमा भारती नाराज हैं?
यह सवाल बड़ा है कि क्या उमा भारती नाराज हैं। क्योंकि कई मौकों पर वह अपनी नाराजगी का प्रदर्शन भी कर देती हैं। उमा भारती इस बार के विधानसभा चुनावों में अपनी भूमिका चाहती थीं। वह चाहती थीं कि उन्हें पोस्टर में जगह मिले। उन्हें मध्यप्रदेश के नेताओं की गिनती में जगह दी जाए, प्रत्याशी चयन में उनकी भूमिका हो। लेकिन पार्टी ने उन्हें पूरी तरह से हाशिए पर ही रखा हुआ है। उन्होंने पिछले दिनों यहां तक कह दिया था कि वह पार्टी का चुनाव प्रचार भी नहीं करेंगी, लेकिन अगर शिवराज सिंह चौहान उनसे आग्रह करेंगे तो वह प्रचार में शामिल होंगी। उमा भारती जहां अपनी भूमिका चाहती हैं, वहीं बाकी उन्हें उन्हें लगातार पीछे धकेलने में लगे हुए हैं।
यह सवाल बड़ा है कि क्या उमा भारती नाराज हैं। क्योंकि कई मौकों पर वह अपनी नाराजगी का प्रदर्शन भी कर देती हैं। उमा भारती इस बार के विधानसभा चुनावों में अपनी भूमिका चाहती थीं। वह चाहती थीं कि उन्हें पोस्टर में जगह मिले। उन्हें मध्यप्रदेश के नेताओं की गिनती में जगह दी जाए, प्रत्याशी चयन में उनकी भूमिका हो। लेकिन पार्टी ने उन्हें पूरी तरह से हाशिए पर ही रखा हुआ है। उन्होंने पिछले दिनों यहां तक कह दिया था कि वह पार्टी का चुनाव प्रचार भी नहीं करेंगी, लेकिन अगर शिवराज सिंह चौहान उनसे आग्रह करेंगे तो वह प्रचार में शामिल होंगी। उमा भारती जहां अपनी भूमिका चाहती हैं, वहीं बाकी उन्हें उन्हें लगातार पीछे धकेलने में लगे हुए हैं।
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